कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाडी के निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति, पुणे में शोक की लहर

Date:

Share post:

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पुणे का लंबे समय तक संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व सांसद सुरेश कलमाडी के निधन से पार्टी को गहरा आघात पहुंचा है। मंगलवार को 82 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते कुछ समय से वे अस्वस्थ चल रहे थे और पुणे के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज जारी था। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार आज शाम को पुणे में किया जाएगा।

सुरेश कलमाडी का राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन कांग्रेस की विचारधारा से गहराई से जुड़ा रहा। 1 मई 1944 को जन्मे कलमाडी ने राजनीति में आने से पहले देश की सेवा भारतीय वायु सेना में की। उन्होंने छह वर्षों से अधिक समय तक पायलट के रूप में कार्य किया और अनुशासन, समर्पण तथा राष्ट्रसेवा की भावना को अपने सार्वजनिक जीवन की नींव बनाया। वायु सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी से जुड़कर जनसेवा के मार्ग को अपनाया।

कांग्रेस के टिकट पर वे कई बार पुणे से लोकसभा सांसद चुने गए और पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में अपनी पहचान बनाई। केंद्र में पी.वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान उन्होंने रेल राज्य मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनके राजनीतिक जीवन की एक विशिष्ट उपलब्धि यह रही कि वे देश के ऐसे इकलौते रेल राज्य मंत्री बने जिन्होंने स्वयं रेल बजट प्रस्तुत किया। इसे कांग्रेस के शासनकाल में उनके कद और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना जाता है।

कांग्रेस पार्टी के भीतर सुरेश कलमाडी को एक सक्रिय संगठनकर्ता और जनसरोकारों से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने संसद और सरकार के साथ-साथ पुणे के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी कांग्रेस की उपस्थिति को मजबूत किया। पुणे महोत्सव और पुणे अंतर्राष्ट्रीय मैराथन जैसी पहलों के माध्यम से उन्होंने न केवल शहर की पहचान को नया आयाम दिया, बल्कि कांग्रेस की विकासोन्मुख और समावेशी सोच को भी जन-जन तक पहुंचाया।

उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें एक समर्पित कांग्रेसी, प्रभावशाली सांसद और पुणे के विकास के लिए निरंतर कार्य करने वाला जननेता बताया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए उनका जीवन संगठन के प्रति निष्ठा, सार्वजनिक सेवा और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण रहा है।

सुरेश कलमाडी का जाना कांग्रेस पार्टी के लिए एक ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। पुणे की राजनीति में उनका योगदान और कांग्रेस के प्रति उनकी प्रतिबद्धता लंबे समय तक स्मरण की जाती रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

Ankita Bhandari Case: Parents Challenge Dushyant Gautam’s Appointment as Sikkim Governor, Demand Unbiased Probe into ‘VIP’ Angle

India Gate protest puts the spotlight back on unanswered questions in the 2022 murder case, with Congress leaders...

पालमपुर में हैंडलूम की दुकान से चिट्टा बरामद, नशे के कारोबार पर सख्त प्रहार की जरूरत; समाज भी तोड़े चुप्पी

हिमाचल प्रदेश में नशे का बढ़ता खतरा अब केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं रह गया है, बल्कि यह...

हरियाणा, हिमाचल में मौसम का बदलेगा मिजाज, बारिश और आंधी का अलर्ट; पंजाब-हरियाणा में ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को मौसम के करवट लेने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने...

Rain, Thunderstorms and Hail Alert Across North India: Punjab, Haryana and Delhi on High Vigilance as Himachal Forecasts Stormy Weather

Several parts of North India are bracing for unsettled weather on Thursday, with the India Meteorological Department (IMD)...