
चंडीगढ़। विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली हरियाणा की बेटी मनीषा भनवाला से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में मुलाकात की और उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने मनीषा की जीत को देश और प्रदेश के लिए दिवाली का विशेष उपहार बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत, संघर्ष और समर्पण ने हरियाणा की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री सैनी ने इस मुलाकात के दौरान मनीषा की खेल उपलब्धि के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और संस्कारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियन बनने के बाद भी मनीषा का विनम्र व्यवहार, बड़ों के प्रति सम्मान और सहज स्वभाव हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर तस्वीर पेश करता है। उनके अनुसार, बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद जमीन से जुड़े रहना ही किसी खिलाड़ी के व्यक्तित्व की वास्तविक पहचान है।
मनीषा भनवाला ने कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में अमेरिका की अबिगेल नेट को 8-6 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। उनकी यह उपलब्धि भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
हरियाणा के जींद जिले के सिवाहा गांव की रहने वाली मनीषा की सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का परिणाम है। उनके इस प्रदर्शन ने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। खास बात यह है कि भारतीय महिला पहलवानों ने इस विश्व चैंपियनशिप में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल चार पदक हासिल किए, जिनमें मनीषा का स्वर्ण पदक सबसे बड़ी उपलब्धि रहा।
मनीषा की इस जीत के पीछे उनका व्यक्तिगत संघर्ष भी जुड़ा है। उनके पिता सुरेश भनवाला का वर्ष 2022 में निधन हो गया था। परिवार के अनुसार, इस कठिन दौर में मनीषा ने कुश्ती छोड़ने तक का विचार किया था, लेकिन परिवार के प्रोत्साहन और अपने पिता के सपने को पूरा करने के संकल्प ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। विश्व चैंपियन बनकर उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ अपने गांव और प्रदेश को भी गौरव का अवसर दिया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मनीषा से मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब हरियाणा अपनी खेल उपलब्धियों और खिलाड़ियों के योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। राज्य सरकार लगातार खेल बुनियादी ढांचे, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और पदक विजेताओं को सम्मानित करने की नीति को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करती रही है। मनीषा की ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर यह रेखांकित किया है कि हरियाणा की बेटियां कुश्ती सहित विभिन्न खेलों में देश का नेतृत्व करने की क्षमता रखती हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से दी गई बधाई और सम्मान ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए उत्सव का अवसर बना दिया है। मनीषा भनवाला की स्वर्णिम सफलता अब उन हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने का सपना देख रही हैं।
