सीईटी परिणाम से पहले HSSC में नए सचिव की नियुक्ति पर उठा सवाल, अनुभव की शर्तों और कोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप

Date:

Share post:

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) में सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक के पद पर एचसीएस 2023 बैच के अधिकारी चिन्मय गर्ग की नियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह नियुक्ति ऐसे समय की गई है जब आयोग की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा, कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET), का परिणाम घोषित होने वाला है। कार्मिक विभाग के 3 अगस्त के आदेश के अनुसार चिन्मय गर्ग को HSSC के सचिव और परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, जबकि वे महज दो माह पहले ही आयोग में बतौर ओएसडी (लीगल) तैनात हुए थे।

इस नियुक्ति पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2020 में हरियाणा सरकार द्वारा जारी एचसीएस कैडर निर्धारण आदेश के अनुसार HSSC सचिव का पद केवल उन अधिकारियों के लिए निर्धारित किया गया है जो कम से कम 5 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हों। जबकि चिन्मय गर्ग की एचसीएस सेवा को अभी केवल दो वर्ष ही हुए हैं, इस प्रकार वे इस पद के लिए अर्ह नहीं ठहरते।

सिर्फ अनुभव की शर्तों की अनदेखी ही नहीं, बल्कि एक न्यायिक निर्देश की भी संभावित अवहेलना हुई है। 31 मई 2024 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच (जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और सुदीप्ति शर्मा) ने यह स्पष्ट आदेश दिया था कि HSSC में सचिव के पद पर परीक्षा संचालन में अनुभव रखने वाले अधिकारी की ही नियुक्ति की जानी चाहिए, जैसे कि किसी राज्य विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के पास होता है। यह आदेश सामाजिक-आर्थिक आधार पर दिए गए अतिरिक्त अंकों को असंवैधानिक ठहराते हुए जारी किया गया था।

गौरतलब है कि चिन्मय गर्ग ने जनवरी 2024 में एचसीएस के रूप में सेवा प्रारंभ की थी। फरवरी 2025 में उनकी पहली पोस्टिंग कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल में जॉइंट डायरेक्टर के रूप में हुई और इसके दो माह बाद जून 2025 में वे HSSC में बतौर ओएसडी और सचिव (लीगल) तैनात कर दिए गए। अब महज दो माह के भीतर ही उन्हें सचिव और परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया है, जिससे आयोग की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

यह नियुक्ति न केवल सेवा नियमों बल्कि न्यायिक निर्देशों की भी संभावित अनदेखी मानी जा रही है। अब यह देखना होगा कि हरियाणा सरकार और HSSC इस नियुक्ति को किस आधार पर सही ठहराते हैं, विशेषकर उस वक्त जब आयोग पर निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है।

यह समाचार वेब मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, जो अंतरराष्ट्रीय समाचार वेबसाइटों पर प्रकाशित जानकारी से लिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

नाथपा-झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन ने रचा नया इतिहास, एक दिन में 39.571 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर बनाया दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड

झाकड़ी।देश की सबसे बड़ी भूमिगत जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल एसजेवीएन के नाथपा-झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने ऊर्जा...

Padma Vibhushan Awardee and Pandavani Icon Teejan Bai Dies at 70, India Mourns the Loss of a Folk Legend

India has lost one of its most celebrated custodians of folk culture with the passing of Padma Vibhushan...

Kejriwal Takes Ayodhya Donation Row National, Seeks ‘Strictest Action’ After Offering Prayers at Goa Temple

Aam Aadmi Party (AAP) national convenor Arvind Kejriwal has intensified his party's attack over the alleged misappropriation of...

Haryana Accelerates Cancer Care Push: CM Nayab Singh Saini Orders Fast-Track Installation of Advanced PET-CT Scanner at Ambala Cancer Hospital

In a significant step towards strengthening cancer care infrastructure in Haryana, Chief Minister Nayab Singh Saini on Tuesday...