सूरजकुंड हादसे के बाद सख्त रुख में हरियाणा सरकार, ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’ लाने का ऐलान

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सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में हाल ही में हुए झूला हादसे के बाद हरियाणा सरकार ने मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक गंभीरता का स्पष्ट संदेश दिया है। वीरवार, 12 फरवरी को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मेला परिसर पहुंचे और सुप्रीम अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस हादसे को लेकर पूरी तरह गंभीर है और घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हादसे में घायल सभी व्यक्तियों के इलाज का पूरा खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवारों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न पड़े।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने हादसे में शहीद हुए इंस्पेक्टर श्री जगदीश प्रसाद को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है और राज्य सरकार उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगी। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि शहीद इंस्पेक्टर के परिवार को सरकारी नौकरी के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी, ताकि परिवार को भविष्य में किसी प्रकार की असुरक्षा का सामना न करना पड़े।

भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’ तैयार करेगी, जिसके तहत झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि मेलों, उत्सवों और सार्वजनिक आयोजनों में उपयोग होने वाले सभी मनोरंजन उपकरण तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों पर पूरी तरह खरे उतरें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह स्पष्ट करता है कि सरकार न केवल राहत और मुआवजे तक सीमित है, बल्कि भविष्य के लिए ठोस और स्थायी समाधान की दिशा में भी काम कर रही है। सुरक्षा से जुड़ी नीति के माध्यम से राज्य सरकार यह संदेश देना चाहती है कि जनहित और जनसुरक्षा उसके शासन की केंद्रीय धुरी हैं।

मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहनलाल बडौली, आयुक्त श्री सतेंद्र कुमार गुप्ता, हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, जिला उपायुक्त श्री आयुष सिन्हा तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से श्री जयंत अहूजा भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मौके पर स्थिति की समीक्षा की और आगे की कार्रवाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सूरजकुंड झूला हादसे के बाद मुख्यमंत्री की सक्रियता और घोषित कदम यह संकेत देते हैं कि हरियाणा सरकार न केवल तत्काल राहत बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को इस तरह की पीड़ा से न गुजरना पड़े।

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