स्वास्थ्य क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति – हरियाणा ने स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए बजट का 91 प्रतिशत से अधिक उपयोग किया

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हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हरियाणा के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में तेजी से विस्तार हो रहा है, विभाग ने 91 प्रतिशत से अधिक पूंजीगत व्यय का उपयोग किया है और राज्य भर में सात नए मेडिकल कॉलेजों का कार्य प्रगति पर है।

 

Sumita misra

वित्त वर्ष 2025-26 की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से पूंजीगत व्यय के अंतर्गत उत्साहजनक रुझान सामने आए हैं। कुल 951.51 करोड़ रुपये के आवंटन के मुकाबले 866.96 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है, जिससे 91 प्रतिशत की प्रभावशाली उपयोग दर प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि कुशल परियोजना क्रियान्वयन, विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन और मज़बूत अंतर-विभागीय समन्वय को दर्शाती है। वहीं, राजस्व मद के अंतर्गत राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1,173.05 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कुटैल, करनाल में प्रस्तावित स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय सहित जींद, कैथल, यमुनानगर, सिरसा, सोनीपत (खानपुर कलां) और करनाल में निर्माणाधीन छः नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेज़ी लाकर संस्थानों के शीघ्र संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ये संस्थान राज्य में प्रशिक्षित चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

 

बैठक में राज्य की प्रमुख निःशुल्क उपचार योजनाओं के अंतर्गत क्लिनिकल अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के उद्देश्य से सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं ज़िला अस्पतालों में पाँच नई कैथ लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, राज्य की डायग्नोस्टिक क्षमताओं को भी सशक्त किया जा रहा है। वर्तमान में 10 अतिरिक्त एमआरआई इकाइयों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र ही एमआरआई सेवाएँ राज्य के सभी 23 ज़िला अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे उन्नत जांच सुविधाओं तक समान पहुँच मिल सकेगी सुनिश्चित होगी।

 

हरियाणा ने 22 ज़िलों में सभी नागरिकों को निःशुल्क डायलिसिस सेवाएँ प्रदान कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिससे क्रॉनिक किडनी रोग से पीड़ित मरीजों पर आर्थिक बोझ काफी कम हो गया है। इसके अतिरिक्त, चयनित उप-मंडलीय अस्पतालों में भी डायलिसिस सेवाओं के विस्तार की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

 

इसके अलावा, राज्य में 17 सीटी स्कैन सुविधाएँ संचालित हैं, जबकि चार अतिरिक्त सीटी स्कैन मशीनों के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करते हुए अंबाला कैंट में अटल कैंसर केयर सेंटर (एसीसीसी) को एडवांसड कैंसर उपचार सेवाएं प्रदान करने के लिए चालू कर दिया गया है। साथ ही, PET स्कैन और SPECT सुविधाओं की स्थापना हेतु टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। ये सभी पहलें मिलकर गंभीर एवं तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए हरियाणा की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

 

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