हरियाणा में राहत और सुधार की दोहरी पहल: फसल नुकसान पर त्वरित कार्रवाई, मजदूरों के वेतन में 35% तक बढ़ोतरी

Date:

Share post:

हरियाणा सरकार ने एक ओर जहां बेमौसमी बारिश से प्रभावित किसानों के लिए राहत प्रक्रिया तेज की है, वहीं दूसरी ओर श्रमिक वर्ग को बड़ा आर्थिक संबल देते हुए न्यूनतम मजदूरी में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने इन दोनों फैसलों को राज्य की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए स्पष्ट किया कि सरकार किसानों और मजदूरों—दोनों वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 6, 7 और 8 अप्रैल को हुई बारिश के कारण राज्य के फतेहाबाद, हिसार, सिरसा और कुरुक्षेत्र जिलों के कुछ गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने स्वयं संबंधित जिलों के उपायुक्तों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।

फसल नुकसान के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिलों के लिए एक विशेष पोर्टल पहले ही खोल दिया है। अन्य प्रभावित जिलों के लिए भी इसी प्रकार की त्वरित कार्रवाई की बात कही गई है। अब तक इस पोर्टल पर 1,350 किसानों ने अपने नुकसान का पंजीकरण कराया है, जिसमें कुल 10,088 एकड़ भूमि प्रभावित बताई गई है। इनमें फतेहाबाद के 9 गांव, हिसार के 10 गांव और सिरसा के 2 गांव शामिल हैं।

यह कदम सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें राहत कार्यों को डिजिटल माध्यम से तेज और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पोर्टल के माध्यम से नुकसान का रिकॉर्ड तैयार करने से मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसी के साथ मुख्यमंत्री ने श्रमिक वर्ग के लिए भी एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को राज्य में न्यूनतम मजदूरी दरों में लगभग 35 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इस फैसले के तहत अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,275 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 रुपये से बढ़कर 16,780 रुपये, कुशल श्रमिकों का 13,704 रुपये से बढ़कर 18,500 रुपये और उच्च कुशल श्रमिकों का वेतन 14,389 रुपये से बढ़ाकर 19,425 रुपये कर दिया गया है।

यह वृद्धि न केवल महंगाई के दबाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि यह राज्य सरकार की उस रणनीति को भी दर्शाती है, जिसमें श्रमिक वर्ग की आय को मजबूत कर आर्थिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। हाल ही में सामने आए बैंक से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई है और पूरा धन ब्याज सहित वापस आ चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

इस मौके पर सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी उपस्थित रहे, जो इस बात का संकेत है कि सरकार इन मुद्दों को समन्वित तरीके से आगे बढ़ा रही है।

कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की यह पहल एक संतुलित शासन मॉडल को दर्शाती है, जहां एक ओर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर श्रमिक वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन फैसलों का जमीनी प्रभाव राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को किस तरह प्रभावित करता है, यह देखने योग्य होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

Punjab Bandh Over Parvinder Singh Jhota’s Killing Sees Mixed Impact; SHO Suspended, More Accused Named as Drug Crisis Comes Under Scrutiny

Markets shut across several districts, highways blocked and toll collection disrupted as the activist’s family demands a CBI...

Ankita Bhandari Case: Parents Challenge Dushyant Gautam’s Appointment as Sikkim Governor, Demand Unbiased Probe into ‘VIP’ Angle

India Gate protest puts the spotlight back on unanswered questions in the 2022 murder case, with Congress leaders...

पालमपुर में हैंडलूम की दुकान से चिट्टा बरामद, नशे के कारोबार पर सख्त प्रहार की जरूरत; समाज भी तोड़े चुप्पी

हिमाचल प्रदेश में नशे का बढ़ता खतरा अब केवल कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं रह गया है, बल्कि यह...

हरियाणा, हिमाचल में मौसम का बदलेगा मिजाज, बारिश और आंधी का अलर्ट; पंजाब-हरियाणा में ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को मौसम के करवट लेने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने...