100 करोड़ के कथित GST घोटाले में पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा न्यायिक हिरासत में, कोर्ट में परिवार से मिलकर भावुक हुए

Date:

Share post:

पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा करने वाले कथित 100 करोड़ रुपये के फर्जी GST बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नया मोड़ तब आया जब स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने पंजाब के उद्योग मंत्री Sanjeev Arora को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 जून तय की है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो दिन की रिमांड समाप्त होने के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया, जहां कानूनी बहसों के बीच एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला।

कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान संजीव अरोड़ा अपने परिवार के सदस्यों से मिलकर भावनात्मक रूप से टूटते नजर आए। गिरफ्तारी के बाद पहली बार जब उनके परिजन उनसे मिले तो वह उन्हें गले लगाकर फफक पड़े। अदालत परिसर में मौजूद लोगों और वकीलों ने इस पल को बेहद संवेदनशील बताया। राजनीतिक विवादों और कानूनी आरोपों के बीच यह दृश्य उस व्यक्तिगत तनाव और दबाव को भी उजागर करता दिखा, जिसका सामना किसी भी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को गंभीर जांच के दौरान करना पड़ता है।

ईडी ने संजीव अरोड़ा को 9 मई की देर शाम चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह एक बड़े फर्जी GST बिलिंग नेटवर्क और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का हिस्सा रहे हैं। ईडी के अनुसार यह नेटवर्क मोबाइल फोन ट्रेडिंग के नाम पर संचालित किया जा रहा था, जिसमें कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये के फर्जी बिल तैयार किए गए।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए बिना वास्तविक कारोबार के कागजी लेनदेन दिखाए गए और टैक्स क्रेडिट का अवैध लाभ उठाया गया। आरोप है कि दिल्ली और अन्य राज्यों में मौजूद कई बोगस कंपनियों के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए गए, जबकि हवाला जैसे चैनलों का उपयोग कर रकम को विभिन्न खातों और संस्थाओं तक पहुंचाया गया। ईडी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने पूछताछ के दौरान कई डिजिटल दस्तावेज, मोबाइल रिकॉर्ड और वित्तीय ट्रांजैक्शन से जुड़ी जानकारियों को भी खंगाला है। जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लाभ का अंतिम लाभार्थी कौन था और क्या इसमें अन्य कारोबारी या राजनीतिक कड़ियां भी शामिल थीं।

हालांकि संजीव अरोड़ा या उनकी कानूनी टीम की ओर से अभी तक विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे। दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और इसे भ्रष्टाचार तथा आर्थिक अनियमितताओं का गंभीर मामला बताया है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में फर्जी GST इनवॉयसिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों पर केंद्रीय एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में GST व्यवस्था के दुरुपयोग के जरिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने वाले नेटवर्क कई राज्यों में सामने आए हैं, जिनमें शेल कंपनियों और कागजी कारोबार का इस्तेमाल आम तौर पर देखा गया है।

अब निगाहें 1 जून को होने वाली अगली पेशी पर टिकी हैं, जहां अदालत के सामने जांच की प्रगति और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण बहस हो सकती है। इस बीच पंजाब की राजनीति में भी यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा और टकराव का कारण बन सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Related articles

छह उपचुनावों में आज मतदान, CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की साख पर भी नजर; विवाद और विरोध के बीच बड़ा संस्थागत टेस्ट

देश के तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की छह सीटों पर आज हो रहे उपचुनाव महज...

Six Bypolls Today: Nandigram, Tamil Nadu and Nagaon Contests Put New Political Order Under Scrutiny

Voters in four regions will go to the polls on Tuesday in six closely watched by-elections, comprising five...

असम और मणिपुर में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, कुछ मिनट के अंतराल में दो बार हिली धरती

देश के पूर्वोत्तर हिस्से में मंगलवार तड़के लगातार भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई। असम के नगांव और मणिपुर...

Supreme Court Seeks Election Commission Response on Plea Challenging CEC Gyanesh Kumar’s Alleged Unilateral Exercise of Powers

The Supreme Court on Monday sought a response from the Election Commission of India on a petition questioning...