नारनौल में बीएएमएस की सीटें दोगुनी से भी ज़्यादा हुईं

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आयुर्वेद को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए हर संभव प्रयास : आरती सिंह राव

हरियाणा की स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव के नेतृत्व में, महेंद्रगढ़ ज़िले के नारनौल के पटिकरा गाँव स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल ने आयुर्वेदिक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष, बैचलर ऑफ़ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) पाठ्यक्रम के लिए सीटों की संख्या पिछले वर्ष के 30 से बढ़कर 63 हो गई है। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) द्वारा इस संबंध में अनुमोदन मिलने के बाद यह उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य आयुर्वेद को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक मज़बूत चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित करना है। बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज में सीटों की संख्या में वृद्धि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का भविष्य उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा और विश्वसनीय शोध में निहित है। हम चाहते हैं कि हमारे संस्थान विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त चिकित्सक, शोधकर्ता और शिक्षक तैयार करें जो आयुर्वेद को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकें।

     सीआईएसएम ने चिकित्सा शिक्षा मानक (एमईएस) 2024 के अंतर्गत आयुर्वेदिक कॉलेजों के लिए कड़े मानक लागू किए हैं, जो कॉलेज की स्थापना के समय लागू न्यूनतम मानक आवश्यकताओं (एमएसआर) 2016 से कहीं अधिक कठोर हैं। इन मानकों को पूरा करना किसी भी संस्थान के लिए एक बड़ी चुनौती है।

 मार्च 2025 में, जब यह मुद्दा स्वास्थ्य मंत्री के ध्यान में लाया गया, तो उन्होंने तुरंत निर्णायक कदम उठाए। एनसीआईएसएम निरीक्षण दल के दौरे से ठीक चार दिन पहले 41 नए एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त किए गए। इस त्वरित और रणनीतिक निर्णय ने कॉलेज को एनसीआईएसएम की कठोर आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाया, जिसके परिणामस्वरूप सीटों की संख्या दोगुनी से भी अधिक बढ़कर 63 हो गई।

इस निर्णय ने न केवल कॉलेज की स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि आयुर्वेदिक शिक्षा में युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा किए हैं। सरकार अब इस कॉलेज में बीएएमएस की सीटें बढ़ाकर 100 करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार ने एनसीआईएसएम को एक सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज के सभी मानकों को पूरा करने का दृढ़ आश्वासन दिया है और इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।

इसके साथ ही, सरकार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी ला दी है। नवंबर 2024 में, हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने एसोसिएट प्रोफेसर के 14 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए हैं, जिनकी नियुक्तियाँ जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, लेक्चरर और प्रोफेसर पदों के लिए भी जल्द ही विज्ञापन जारी किये जाएंगे। इन कदमों से न केवल कॉलेज का शैक्षणिक स्तर बढ़ेगा, बल्कि आयुर्वेद में वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

बीएएमएस सीटों में विस्तार से इच्छुक छात्रों के लिए करियर के नए अवसर खुलने, पारंपरिक चिकित्सा के केंद्र के रूप में हरियाणा की स्थिति मजबूत होने और आयुर्वेद को विश्व स्तर पर एक सम्मानित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बनाने के भारत के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान मिलने की उम्मीद है।

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