हरियाणा की टेली-मानस हेल्पलाइन हजारों लोगों के लिए बनी जीवन रेखा, 16,000 से अधिक नागरिकों ने मांगी मानसिक स्वास्थ्य सहायता

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प्रदेश सरकार की टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन भावनात्मक संकट, चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली है।

नवंबर 2022 में अपनी शुरुआत के बाद से, इस हेल्पलाइन पर 16,000 से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं, जो सुलभ और कलंक-मुक्त मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ते जन-विश्वास को दर्शाती हैं। नागरिक टोल-फ्री नंबर 14416 या 1-800-891-4416 डायल करके इस सेवा का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। यह सेवा पूरे हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और मनोसामाजिक सहायता के लिए संचालित है।

संकट प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, टेली-मानस को अब हरियाणा के 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के साथ एकीकृत कर दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत, आपातकालीन हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त आत्महत्या से संबंधित संकट कॉलों को तत्काल प्रशिक्षित टेली-मानस परामर्शदाताओं के पास भेज दिया जाता है ताकि उन्हें तुरंत मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस एकीकरण ने आपात स्थिति के दौरान समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की राज्य की क्षमता में काफी सुधार किया है और हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया ढांचे में एक महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ दी है।
राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शुरू की गई इस पहल ने 10 मई, 2026 तक 16,159 कॉल का निस्तारण किया है, जिसमें राज्य भर के लोगों को मुफ्त, गोपनीय और सहानुभूतिपूर्ण परामर्श सहायता प्रदान की गई है। यह बढ़ती प्रतिक्रिया इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत अब धीरे-धीरे अधिक खुली और स्वीकार्य होती जा रही है।

हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि यह पहल भूगोल या सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना हर नागरिक के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सुलभ बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती, समय पर और गोपनीय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि टेली-मानस केवल एक हेल्पलाइन से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह मानसिक स्वास्थ्य के प्रति नजरिया बदलने और लोगों को बिना किसी झिझक के मदद मांगने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में इसके प्रति जुड़ी सामाजिक झिझक को कम करना सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।

मात्र एक वर्ष में लगभग 10,000 कॉल
इस पहल के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा प्रमाण पिछले एक वर्ष में इसके उपयोग में हुई भारी वृद्धि है। मई 2025 से अप्रैल 2026 के बीच हेल्पलाइन पर 9,669 कॉल प्राप्त हुईं—जो सेवा शुरू होने के बाद से कुल कॉलों का 60 प्रतिशत से अधिक है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़त बढ़ती जागरूकता, परामर्श सेवाओं में बढ़ते भरोसे और राज्य भर में बेहतर आउटरीच प्रयासों को दर्शाता है। ग्रामीण हरियाणा की मजबूत भागीदारी इस पहल को जो बात विशेष बनाती है, वह है ग्रामीण हरियाणा तक इसकी गहरी पहुंच। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश कॉल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से आई हैं, जो यह दर्शाता है कि सेवा ने बड़े शहरों से परे मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच के पुराने अंतर को सफलतापूर्वक पाट दिया है।
सबसे आम समस्याओं में उदासी, परीक्षा का तनाव, चिंता, शोक, नशीली दवाओं का दुरुपयोग और आत्महत्या के विचार शामिल हैं। प्राप्त कॉलों में से लगभग पांच प्रतिशत बच्चों और किशोरों से संबंधित थीं, जो युवा आयु समूहों और परिवारों के बीच भावनात्मक सहायता की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। पिछले वर्ष के दौरान प्राप्त लगभग 40 प्रतिशत कॉल निदान किए जा चुके मानसिक स्वास्थ्य विकारों से जुड़ी थीं, जो शुरुआती हस्तक्षेप और निरंतर परामर्श सहायता के महत्व को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि टेली-मानस पहल के केंद्र में 20 प्रशिक्षित परामर्शदाताओं की एक टीम है जो मनोवैज्ञानिक संकट का सामना कर रहे नागरिकों को भावनात्मक सहायता, संकट हस्तक्षेप, मार्गदर्शन और रेफरल प्रदान करती है। परामर्शदाता टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम करती हैं कि जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को मदद उपलब्ध रहे।
डॉ. मिश्रा ने परामर्शदाताओं और स्वास्थ्य देखभाल टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा  कि हेल्पलाइन का बढ़ता उपयोग लोगों द्वारा भावनात्मक कल्याण और मनोवैज्ञानिक सहायता को देखने के तरीके में एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव को दर्शाता है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया है कि सरकार जागरूकता अभियानों का विस्तार करके, सामुदायिक पहुंच में सुधार और टेली-काउंसलिंग बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की योजना बना रही है। ध्यान इस बात पर रहेगा कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता दूरदराज के गांवों और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

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